1-इसी शहर में कई साल से ,
मेरे कुछ क़रीबी अज़ीज़ हैं,
उन्हें मेरी कोई ख़बर नहीं ,
मुझे उन का कोई पता नहीं ।
- copy paste-
Writer- Not known
2- हित चाहने वाला पराया भी अपना है और...
अहित करने वाला अपना भी पराया है।
रोग अपनी देह में पैदा होकर भी हानि पहुंचाता है,
और औषधि वन में पैदा होकर भी हमारा लाभ ही करती है।
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Writer- Not known
मेरे कुछ क़रीबी अज़ीज़ हैं,
उन्हें मेरी कोई ख़बर नहीं ,
मुझे उन का कोई पता नहीं ।
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Writer- Not known
2- हित चाहने वाला पराया भी अपना है और...
अहित करने वाला अपना भी पराया है।
रोग अपनी देह में पैदा होकर भी हानि पहुंचाता है,
और औषधि वन में पैदा होकर भी हमारा लाभ ही करती है।
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